विपक्ष राम के नाम पर भ्रामक प्रचार कर रहा है : डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल

विपक्ष राम के नाम पर भ्रामक प्रचार कर रहा है : डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर रुद्राभिषेक, मनरेगा में सुधारों का किया उल्लेख

पूर्णिया | अनिल कुमार शर्मा, ब्यूरो प्रमुख (बिहार)

बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विपक्ष पर भगवान राम के नाम को लेकर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया है। बुधवार को पूर्णिया में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि रोजगार गारंटी योजना के नाम को लेकर विपक्ष अनावश्यक भ्रम फैला रहा है, जबकि केंद्र सरकार इसे सुधारों के साथ और अधिक पारदर्शी बना रही है।

डॉ. जायसवाल ने बताया कि मनरेगा योजना का नाम समय-समय पर बदला गया है और अब इसे नई तकनीक से जोड़ा जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत बायोमेट्रिक प्रणाली और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल किया जा रहा है, जिससे किसी भी प्रकार की धांधली की संभावना समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को रोजगार और भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में मिलेगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह खत्म होगी।

मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस योजना को “जी राम जी” नाम दिया गया है, जिसका अर्थ है गारंटी रोजगार आजीविका मिशन गारंटी। उन्होंने आरोप लगाया कि योजना के नाम में “राम” शब्द आने से कांग्रेस सहित विपक्षी दलों को आपत्ति है और वे इसे धर्म से जोड़कर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

डॉ. जायसवाल ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रपिता हैं और मनरेगा की शुरुआत उन्हीं के नाम पर की गई थी, लेकिन कांग्रेस शासनकाल में इस योजना में व्यापक स्तर पर धांधली हुई, जो गांधी जी के नाम का दुरुपयोग था।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर रुद्राभिषेक

इसी दिन सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर पूर्णिया के रजनी चौक स्थित गोकुल ठाकुर बाड़ी के शिव मंदिर में दर्शन-पूजन एवं रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विधिवत रुद्राभिषेक कर भगवान शिव की आराधना की।

रुद्राभिषेक के उपरांत उन्होंने कहा कि सोमनाथ धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक शक्ति, अटूट आस्था और राष्ट्रीय गौरव का जीवंत प्रतीक है।

उन्होंने कहा,

“भगवान श्री सोमनाथ सृष्टि के कण-कण में विराजमान हैं। उनकी अखंड आस्था अनंत काल से प्रवाहित हो रही है। सोमनाथ धाम भारत की आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का शाश्वत प्रतीक है।”

मंत्री ने आगे कहा कि इतिहास में सोमनाथ धाम पर अनेक आक्रमण हुए, लेकिन न तो वहां की आस्था डिगी और न ही भारत की आत्मा टूटी। यह मंदिर आत्मविश्वास, धैर्य और पुनर्निर्माण की शक्ति का प्रतीक है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजसेवी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संचार देखने को मिला।

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