बेउर जेल से सांसद पप्पू यादव की रिहाई के बाद उनके समर्थकों में भारी उत्साह और खुशी देखी गई। जेल से बाहर निकलते ही समर्थकों ने नारेबाजी की और उनका स्वागत किया।
रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि फुलवारी शरीफ में हुई एक बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले में वे जल्द ही पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा,
“हमारे साथ गलत हुआ है। सच बोलने की सजा अगर यही है, तो यह सोचने पर मजबूर करता है कि कितना सच बोलना चाहिए।”
पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि वे नीट से जुड़े मामलों में लगातार आवाज उठाते रहेंगे। इसके साथ ही उन्होंने रूपेश हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में उनके पास अहम सबूत हैं। वहीं खेलकर्मी हत्याकांड को लेकर उन्होंने दावा किया कि उसमें भी कई साक्ष्य मिले हैं और जिस व्यक्ति का एनकाउंटर हुआ, वह गलत था—इस मुद्दे पर भी वे खुलकर बोलेंगे।
इसके अलावा पप्पू यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तीन नेताओं और एक एसएसपी ने मिलकर उन्हें जान से मरवाने की साजिश रची। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस साजिश में PMCH के अधीक्षक की भूमिका भी सामने आई है। पप्पू यादव ने कहा कि वे पूरे मामले को विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर उजागर करेंगे।
बेउर जेल से रिहाई के बाद पप्पू यादव के तेवर साफ तौर पर आक्रामक नजर आए। उनके बयानों से यह संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में कई संवेदनशील मुद्दों पर सियासी हलचल तेज हो सकती है।
