तेजस्वी यादव का औचक निरीक्षण : पूर्णिया मेडिकल कॉलेज की बदहाली उजागर
राज्य के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शनिवार देर रात पूर्णिया स्थित गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की खस्ताहाल व्यवस्था देखकर उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोला और इसे एनडीए के 20 सालों के शासन की असलियत बताया।

तेजस्वी यादव ने कहा कि “यह जिला अस्पताल या पीएचसी नहीं बल्कि मेडिकल कॉलेज है, जिसकी हालत बदतर है।” उन्होंने अस्पताल की खामियों को गिनाते हुए स्वास्थ्य मंत्री और सरकार को घेरने का काम किया।

निरीक्षण में सामने आई प्रमुख खामियाँ
मेडिकल कॉलेज में ICU तक नहीं है।
ट्रॉमा सेंटर चालू नहीं, कार्डियोलॉजी विभाग ही नहीं।
एक बेड पर तीन-तीन मरीज लेटे हुए मिले।
मरीजों की बेडशीट 15-20 दिन तक नहीं बदली जाती।
हड्डी रोग वार्ड में शौचालय दो फीट ऊँचा, सफाई व्यवस्था शून्य।
255 स्वीकृत नर्स पदों में सिर्फ़ 55 नर्स कार्यरत, ड्यूटी पर एक समय में मात्र 18।
80% चिकित्सकों के पद रिक्त।
पूरे कॉलेज में एक भी स्थायी ड्रेसर नहीं, सिर्फ़ 4 OT सहायक।
23 विभागों में कई बंद, मेडिकल इंटर्न्स को 6 महीने से वेतन नहीं।

सरकारी अस्पताल की दुर्दशा के चलते प्रतिदिन 10,000 मरीज निजी अस्पतालों में इलाज कराने को मजबूर।

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार सिर्फ़ भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी में लगी है। उन्होंने कहा कि “हजारों करोड़ रुपये खर्च कर सिर्फ बिल्डिंग बनाई जाती है और उपकरण खरीदे जाते हैं, लेकिन डॉक्टर, नर्स और तकनीशियन की नियुक्ति नहीं की जाती।”

पीएम मोदी पर हमला
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्णिया दौरे को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री जी सीमांचल आ रहे हैं, लेकिन बिहार की 20 सालों की एनडीए सरकार की विफलताओं पर कुछ नहीं बोलेंगे। वो सिर्फ़ जुमलों की बारिश करेंगे।”
उन्होंने तंज कसा कि “प्रधानमंत्री जी पूर्णिया मेडिकल कॉलेज जरूर देखें और 2005 के बाद वाले मुख्यमंत्री को साथ लेकर जाएँ, वरना वो कहेंगे कि 2005 से पहले कुछ था ही नहीं।”
तेजस्वी के इस औचक निरीक्षण के बाद एक बार फिर बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था और सरकारी अस्पतालों की स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
