पीएम मोदी के पूर्णिया दौरे से पहले डायल 112 के चालक हड़ताल पर, 13 दिन से ठप आपातकालीन सेवाएँ

पीएम मोदी के पूर्णिया दौरे से पहले डायल 112 के चालक हड़ताल पर, 13 दिन से ठप आपातकालीन सेवाएँ


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीमांचल दौरे से पहले बिहार की आपातकालीन सेवाएँ संकट में आ गई हैं। डायल 112 के चालक पिछले 13 दिनों से हड़ताल पर हैं। इनका कहना है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।

चालकों की प्रमुख माँगें

डायल 112 के चालकों ने कहा कि उनकी तनख्वाह में केवल 750 रुपये की वृद्धि की गई है, जो परिवार का भरण-पोषण करने के लिए बेहद कम है। वे समान काम के लिए समान वेतन और राज्यकर्मी का दर्जा चाहते हैं। साथ ही कई जिलों में तैनात चालकों को अब तक पहचान पत्र तक नहीं मिला है, जिससे ड्यूटी करने में दिक्कत होती है।

चालकों ने वर्दी भत्ता दिए जाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि अन्य राज्यों में डायल 112 के चालकों को 50 हजार रुपये मानदेय और 10 हजार रुपये वर्दी भत्ता दिया जाता है, जबकि बिहार में उन्हें यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।

सुरक्षा व्यवस्था पर असर

हड़ताल की वजह से आपातकालीन सेवाओं पर गहरा असर पड़ा है। पटना जिले में ही डायल 112 की 124 गाड़ियाँ सड़कों से नदारद हैं। इसका सीधा असर सुरक्षा व्यवस्था और आपात स्थिति से निपटने की क्षमता पर पड़ा है।

सरकार से बातचीत को तैयार चालक

हड़ताल पर बैठे चालकों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वे सरकार और पुलिस विभाग से बातचीत करने को हमेशा तैयार हैं।

बड़ा सवाल

प्रधानमंत्री मोदी के पूर्णिया आगमन से पहले उठे इस संकट ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि क्या राज्य सरकार हड़ताल खत्म कराने के लिए कोई ठोस पहल करती है या नहीं।

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