करन कुमार, कटिहार ब्यूरो। कटिहार जिले के कोढ़ा प्रखंड की रौतारा पंचायत से एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां स्कूली बच्चों की शिक्षा हर दिन उनकी जान पर भारी पड़ रही है। यहां दर्जनों मासूम बच्चे रोजाना रेलवे ट्रैक पार कर स्कूल जाने को मजबूर हैं। कई बार स्टेशन पर ट्रेन खड़ी होने की स्थिति में बच्चे जान जोखिम में डालकर ट्रेन के नीचे से निकलकर दूसरी ओर पहुंचते हैं।
जानकारी के अनुसार रौतारा पंचायत की बड़ी आबादी रेलवे लाइन के एक ओर रहती है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) और स्कूल दूसरी ओर स्थित हैं। ऐसे में बच्चों को प्रतिदिन रेलवे ट्रैक पार कर स्कूल जाना पड़ता है। रौतारा रेलवे स्टेशन पर रेलवे की ओर से फुट ओवरब्रिज बनाया गया है, लेकिन उससे जुड़ने वाली सड़क जर्जर और अनुपयोगी है। वहीं रेलवे फाटक का रास्ता काफी दूर होने के कारण बच्चे और ग्रामीण शॉर्टकट के रूप में सीधे रेलवे लाइन पार करते हैं।
स्थिति तब और अधिक खतरनाक हो जाती है, जब स्टेशन पर ट्रेन लंबे समय तक खड़ी रहती है। ऐसे समय में कई बच्चे ट्रेन के नीचे से निकलकर दूसरी तरफ पहुंचते हैं। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि व्यवस्था की मजबूरी को दर्शाने वाली तस्वीर है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के आबादी वाले हिस्से में प्राथमिक विद्यालय नहीं होने के कारण छोटे-छोटे बच्चों को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल जाना पड़ता है। इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि आबादी वाले क्षेत्र में जल्द से जल्द एक प्राथमिक विद्यालय खोला जाए या फिर सुरक्षित आवागमन की समुचित व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों को शिक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में न डालनी पड़े।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? आखिर बच्चों की सुरक्षा से बढ़कर और कौन-सा मुद्दा हो सकता है।
