बिहार सरकार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बुधवार को राज्य के प्रशासनिक कामकाज, राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी प्रशासन देना है तथा भूमि और राजस्व संबंधी मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जा रहा है।
डॉ. जायसवाल ने अपने संबोधन की शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि “एक देश में दो निशान, दो विधान और दो संविधान नहीं चलेगा” केवल एक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता और अखंडता का संकल्प था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा धारा 370 हटाने का ऐतिहासिक निर्णय इसी संकल्प का परिणाम है। इससे जम्मू-कश्मीर पूरी तरह देश की मुख्यधारा से जुड़ा है और वहां विकास को नई गति मिली है।
मंत्री ने जनता दरबार और शिकायत निवारण व्यवस्था में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पहले जनता सुनवाई में 400 से अधिक लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते थे, जिससे मामलों के निष्पादन में कठिनाई होती थी। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ‘सहयोग पोर्टल’ शुरू होने के बाद अब हर महीने सहयोग कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसके चलते शिकायतों का ऑनलाइन पंजीकरण और त्वरित समाधान संभव हुआ है तथा कार्यालयों में आने वाले लोगों की संख्या घटकर 30 से 40 रह गई है।
उन्होंने स्वीकार किया कि अंचल अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की लगभग तीन महीने चली हड़ताल के कारण विभाग में लंबित मामलों की संख्या बढ़ गई थी। जमाबंदी, दाखिल-खारिज और अन्य राजस्व मामलों में देरी हुई, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो रही है और सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जा रहा है।
डॉ. जायसवाल ने बताया कि 6 अगस्त को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें राज्य के 537 अंचल अधिकारी, 101 अनुमंडल पदाधिकारी और 38 अपर समाहर्ता भाग लेंगे। बैठक में प्रशासनिक सुधारों की समीक्षा के साथ-साथ भूमि एवं जमाबंदी से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन की रणनीति तैयार की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत के आदेश वाले मामलों में अंचल अधिकारी अपनी अनुशंसा के साथ फाइल अपर समाहर्ता को भेजते हैं, जहां अंतिम कार्रवाई की जाती है। सभी जिलों से लंबित मामलों का ब्योरा पहले ही मंगाया जा चुका है ताकि समीक्षा बैठक में प्रत्येक जिले की स्थिति का आकलन कर समाधान की दिशा तय की जा सके।
अंत में मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य राजस्व विभाग को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनसुलभ बनाना है, ताकि आम लोगों को समय पर न्याय और बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिल सकें।
