पश्चिमी चम्पारण से मनोज कुमार मिश्र
पश्चिम चम्पारण के मत्स्य पदाधिकारी को निगरानी विभाग ने रिश्वत लेते रंगेहाथ किया गिरफ्तार।
मामला प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के तहत 25 लाख रुपए की चल रही योजना में 10 लाख की सब्सिडी की राशि जारी करने के एवज में जिला मत्स्य पदाधिकारी पीयूष रंजन ने ₹1 लाख रिश्वत लेते रंगे हाथों निगरानी विभाग के टिम ने गिरफ्तार किया है।
बेतिया जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां निगरानी विभाग ने एक सप्ताह में दूसरी बड़ी कारवाई करते हुए जिला के मत्स्य पदाधिकारी को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया इससे पहले नरकटियागंज के शिकारपुर थाना के पीएसआई प्रिती कुमारी को रंगे हाथों दबोचा था। मामला बैरिया प्रखंड के पखनाहा बाजार निवासी मुराद अनवर से जुड़ा है, जिनकी मां मत्स्य पालन का कार्य करती हैं।
सूत्रों के अनुसार, मत्स्य पालन विभाग की ओर से प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के तहत 25 लाख रुपए की योजना चलाई जाती है। इस योजना में लाभुक को 10 लाख रुपए की सब्सिडी मिलती है। लाभुक मुराद अनवर की मां इस योजना का लाभ ले रही थीं। लेकिन सब्सिडी की राशि जारी करने के एवज में जिला मत्स्य पदाधिकारी पीयूष रंजन ने ₹1 लाख रिश्वत की मांग की।

पीड़ित मुराद अनवर ने इस मामले की लिखित शिकायत निगरानी विभाग से की। शिकायत की सत्यापन के बाद निगरानी की टीम ने पूरे प्रकरण की गहन जांच की और फिर सोमवार को बिछाए गए जाल में जिला मत्स्य पदाधिकारी को पकड़ लिया। आरोपित अधिकारी को ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया।
निगरानी विभाग के डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि शिकायत सही पाई गई थी। इसके बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की और जिला मत्स्य पदाधिकारी को धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद अधिकारी को निगरानी विभाग की टीम पूछताछ के लिए पटना ले गई है।
इस कारवाई के बाद जिले भर में हड़कंप मच गया है।
