बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजद को अपने पारंपरिक गढ़ जहानाबाद में बड़ा झटका लग सकता है। पार्टी कार्यकर्ताओं और महागठबंधन समर्थकों ने जिले के विधायक सुदय यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और आगामी चुनाव में उनका टिकट काटने की मांग की जा रही है।
रविवार को रतनी फरीदपुर प्रखंड के शकुराबाद स्थित एक निजी हॉल में महागठबंधन समर्थकों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता, पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय लोग शामिल हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘सुदाय हटाओ, जहानाबाद बचाओ’ जैसे नारे लगाकर विधायक के खिलाफ आक्रोश जताया।
विकास कार्यों में लापरवाही और फंड घोटाले का आरोप
बैठक में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विधायक सुदय यादव अनुकंपा के आधार पर राजनीति में आए और दो बार विधायक रहने के बावजूद क्षेत्र में कोई उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं हुआ। गया, जहानाबाद और अरवल जिलों को जोड़ने वाली लगभग 20 किलोमीटर लंबी सड़क मुरहारा पथ अभी भी जर्जर हालत में है।
साथ ही, कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि विधायक को मिले लगभग 32 करोड़ रुपये के विकास कोष का दुरुपयोग किया गया। उनका कहना है कि प्रत्येक पंचायत को औसतन 70-75 लाख रुपये मिलने चाहिए थे, लेकिन पूरा फंड “बेच दिया गया।”
जांच और टिकट बदलने की मांग
बैठक में उपस्थित लोगों ने जिला प्रशासन से विधायक के कार्यकाल की सभी योजनाओं की जांच कराने की मांग की। उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से आगामी चुनाव में सुदय यादव का टिकट रद्द कर किसी योग्य और ईमानदार नेता को उम्मीदवार बनाने का भी आग्रह किया।
राजद के गढ़ में बगावत का असर
कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर पार्टी किसी भी जाति या वर्ग के ईमानदार उम्मीदवार को टिकट देती है, तो जहानाबाद सीट पर भारी अंतर से जीत पक्की है। हालांकि, चुनाव से पहले पार्टी के भीतर इस तरह की बगावत महागठबंधन की संभावनाओं को प्रभावित कर सकती है।
