बेंगलुरु/अररिया। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में विधानसभा भवन में बम धमाके का AI से तैयार किया गया फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में पुलिस ने बिहार के अररिया जिले के एक 25 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हजरत अली के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया था, जिसके सामने आने के बाद मामले की जांच शुरू की गई।
जानकारी के मुताबिक, 20 अक्टूबर 2026 को इंस्टाग्राम पर विधानसभा में विस्फोट होने का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में विधानसभा भवन में बम धमाके जैसा दृश्य दिखाया गया था। हालांकि, यह वीडियो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से तैयार किया गया था। विधानसभा में वास्तव में किसी बम धमाके की घटना नहीं हुई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बेंगलुरु पुलिस ने वीडियो पोस्ट करने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, डिजिटल साक्ष्यों और ऑनलाइन गतिविधियों के आधार पर आरोपी तक पहुंचा गया। इसके बाद 21 अक्टूबर 2026 को अररिया निवासी हजरत अली को गिरफ्तार कर लिया गया।
बताया जा रहा है कि आरोपी बेंगलुरु में प्रवासी मजदूर के रूप में रहता था और दिहाड़ी पर पाइप फिटिंग का काम करता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उसने कथित तौर पर यह वीडियो किस उद्देश्य से बनाया या पोस्ट किया था। साथ ही, इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
AI से बने फर्जी वीडियो ने बढ़ाई चिंता
इस घटना ने सोशल मीडिया पर AI तकनीक के दुरुपयोग और भ्रामक सामग्री के प्रसार को लेकर चिंता बढ़ा दी है। आधुनिक तकनीक की मदद से वास्तविक जैसी दिखने वाली तस्वीरें और वीडियो तैयार किए जा सकते हैं, जिनका इस्तेमाल गलत सूचना फैलाने या लोगों में भ्रम पैदा करने के लिए किया जा सकता है।
ऐसे में सोशल मीडिया पर किसी संवेदनशील घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने पर उसकी सत्यता की पुष्टि करना जरूरी है। बिना जांच किए ऐसे वीडियो साझा करने से अफवाहें फैल सकती हैं और अनावश्यक भय का माहौल बन सकता है।
फिलहाल, बेंगलुरु पुलिस आरोपी से पूछताछ कर वीडियो पोस्ट करने के पीछे के मकसद और संभावित अन्य कड़ियों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
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