पूर्णिया में महिला आयोग का दो दिवसीय शिविर संपन्न, 232 मामले आए, 172 का हुआ निष्पादन
पूर्णिया। बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा रानी ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं की दशा और दिशा में लगातार बदलाव हो रहा है। महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़कर काम कर रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उनके साथ प्रताड़ना और उत्पीड़न के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों के समाधान के लिए महिला आयोग लगातार विभिन्न जिलों में शिविर आयोजित कर महिलाओं को न्याय दिलाने और उन्हें जागरूक करने का काम कर रहा है।
पूर्णिया में दो दिनों तक चले महिला आयोग के शिविर के समापन के बाद अध्यक्ष अप्सरा रानी ने शिविर की जानकारी देते हुए बताया कि कुल 232 मामले शिविर में सामने आए, जिनमें से 172 मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया गया।
उन्होंने कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज की उन महिलाओं तक न्याय पहुंचाना है, जो अपनी समस्याओं को लेकर पटना स्थित महिला आयोग तक नहीं पहुंच पाती हैं। ऐसे मामलों को स्थानीय स्तर पर सुनकर उनका समाधान करना आयोग की प्राथमिकता है।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं के प्रति समाज की सोच में बदलाव जरूरी है। आज महिलाएं शिक्षा, रोजगार, राजनीति, प्रशासन, व्यवसाय सहित हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। इसके बावजूद घरेलू हिंसा, प्रताड़ना और अन्य समस्याओं से जुड़ी शिकायतें लगातार सामने आती हैं।
उन्होंने कहा कि महिला आयोग द्वारा विभिन्न जिलों में शिविर लगाकर महिलाओं की समस्याओं का समाधान करने के साथ-साथ उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। आयोग का प्रयास है कि किसी भी महिला को न्याय पाने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
