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बगहा में गंडक का बढ़ा जलस्तर, रोक के बावजूद निजी नावों का खेल!

गंडक में बढ़ा जलस्तर, रोक के बावजूद धड़ल्ले से चल रहीं निजी नावें

परवेज आलम (रिपोर्टर) बगहा। नेपाल में हुई त्रासदी के बाद गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए क्षेत्र में अभी कुछ और घंटों तक अलर्ट जारी है। आपदा की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी रखने और नदी तट पर लोगों की आवाजाही रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद बगहा में गंडक नदी के दियारा क्षेत्र में निजी नावों का परिचालन धड़ल्ले से जारी है।

इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित वाल्मीकिनगर गंडक बराज से करीब 1.44 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किए जाने के बाद नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई है। प्रशासन ने नदी तट पर जाने वाले लोगों को सावधान किया है और निजी नावों के परिचालन पर रोक लगाई है। बावजूद इसके रोजमर्रा की जरूरतों के लिए सैकड़ों लोग गंडक के उस पार दियारा क्षेत्र में आने-जाने को मजबूर हैं।

किसानों और मजदूरों को खेती-किसानी, पशुओं के लिए चारा तथा दूध लाने समेत अन्य आवश्यक कार्यों के लिए नदी पार करनी पड़ रही है। इसी मजबूरी का फायदा उठाते हुए नदी घाटों पर निजी नावों और स्टीमर का परिचालन किए जाने की बात सामने आ रही है। इससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार बगहा के कैलाशनगर, नारायणापुर घाट, दीनदयाल नगर, गोड़ियापट्टी और मंगलपुर समेत कई स्थानों पर दर्जनों निजी नावों का संचालन किया जा रहा है। इनमें कुछ बड़े नाव ट्रक के पुराने इंजन से तैयार किए गए हैं। नाव संचालकों की ओर से सेवा शुल्क निर्धारित कर किसानों और मजदूरों को नदी के आर-पार कराया जा रहा है।

हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़े नाव होने के कारण उन्हें सफर अपेक्षाकृत आसान लगता है और वे किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं मानते। लेकिन बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के बीच इस तरह नावों का परिचालन किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से दियारा क्षेत्र के लिए पुल की मांग की जा रही है। जनप्रतिनिधियों की ओर से जल्द पुल निर्माण का भरोसा दिलाया जाता रहा है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण लोगों को आज भी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है।

अब सवाल यह है कि जब प्रशासन ने निजी नावों के परिचालन पर रोक लगा रखी है, तो इसके बावजूद घाटों पर नावें कैसे संचालित हो रही हैं? बढ़ते जलस्तर के बीच यदि कोई नाव हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? फिलहाल गंडक के बढ़ते जलस्तर और निजी नावों के परिचालन को लेकर स्थानीय लोगों की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है।

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