बगहा में फर्जी अस्पतालों पर प्रशासन की कार्रवाई, श्री आनंद हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन रद्द
परवेज़ आलम (रिपोर्टर) बगहा। पश्चिम चंपारण जिले के बगहा, रामनगर और धनहा इलाके में कथित फर्जी अस्पतालों के संचालन और मरीजों की जान-माल से खिलवाड़ की शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। बगहा शहर के गांधीनगर चौक स्थित श्री आनंद हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन फिलहाल रद्द कर दिया गया है। साथ ही अस्पताल में किसी भी तरह की चिकित्सा सेवा और सर्जरी पर तत्काल रोक लगाने का निर्देश दिया गया है।
मामले की शिकायत पीड़िता शबनम और पूर्व जिला परिषद सदस्य सह जेडीयू जिला महासचिव मोहम्मद कलाम अंसारी की ओर से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि रामनगर स्थित संजीवनी हेल्थ केयर में ऑपरेशन के दौरान सोनी खातून और उसके नवजात की मौत के बाद अस्पताल को सील किया गया था। इसके बावजूद कथित तौर पर उन्हीं डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों के माध्यम से बगहा के गांधीनगर में अस्पताल संचालित किया जा रहा था।
शिकायत के साथ रामनगर थाना कांड संख्या 226/26 की प्राथमिकी तथा अग्रिम जमानत आवेदन खारिज होने से संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए गए हैं। आवेदन में चिकित्सकों के नाम का उल्लेख करते हुए बगहा, रामनगर और मधुबनी-धनहा क्षेत्र में संचालित कथित अस्पतालों और वहां की चिकित्सा व्यवस्था की जांच कराने की मांग की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अस्पताल संचालक और कथित चिकित्सा कर्मियों के फरार होने की बात सामने आ रही है। पुलिस अब अस्पताल संचालक की तलाश में जुटी है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद अस्पताल में किसी भी प्रकार का चिकित्सा कार्य या संचालन नहीं किया जा सकता।
बगहा-2 हरनाटांड़ पीएचसी प्रभारी डॉ. केबीएन सिंह ने बताया कि सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से श्री आनंद हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। अस्पताल संचालक को इसकी जानकारी देते हुए तत्काल सभी गतिविधियां बंद रखने का निर्देश दिया गया है। आदेश का उल्लंघन कर यदि अस्पताल में चिकित्सा कार्य या संचालन किया जाता है तो संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की निगरानी कर रहा है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि रामनगर में कार्रवाई के बाद कथित रूप से फर्जी अस्पताल संचालन से जुड़े लोग बगहा के गांधीनगर और मधुबनी-धनहा इलाके में भी चिकित्सा गतिविधियां संचालित कर रहे थे। शिकायतकर्ताओं ने इन सभी मामलों की उच्चस्तरीय जांच, संबंधित अस्पतालों को सील करने तथा कथित फर्जी चिकित्सा नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मामले में कथित मास्टरमाइंड अस्पताल संचालक नंदलाल यादव की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में आरोप है कि डॉक्टर शुभदा और डॉक्टर कृति यादव के नाम का इस्तेमाल कर जिले में एक साथ कई स्थानों पर अस्पतालों का संचालन किया जा रहा था। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक जांच और सत्यापन होना बाकी है।
फिलहाल श्री आनंद हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन रद्द किए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से जिले में संचालित निजी अस्पतालों की व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन की जांच आगे क्या रुख लेती है और कथित अवैध अस्पताल संचालन में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
