बगहा में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से अलर्ट, अगले 24 घंटे सतर्क रहने की अपील
परवेज़ आलम (रिपोर्टर) बगहा/पश्चिम चंपारण। नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी के बाद बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में गंडक नदी को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। बुधवार सुबह नेपाल के तिब्बत सीमा क्षेत्र में स्थित भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव तेजी से बढ़ने की सूचना के बाद नारायणी-गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि चीन में बांध टूटने के बाद नेपाल की त्रिशूली नदी में उफान की स्थिति बनी है। त्रिशूली आगे चलकर नारायणी नदी में मिलती है, जो भारत में प्रवेश करने के बाद गंडक नदी के नाम से जानी जाती है। ऐसे में नेपाल के हालात को देखते हुए पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने नदी तटीय और निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारी तरनजोत सिंह ने खुद बगहा के नदी तट क्षेत्रों का जायजा लिया और अधिकारियों को सतत निगरानी के निर्देश दिए। जल संसाधन विभाग की ओर से वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज, दियारा क्षेत्र और बांधों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बगहा में सीओ और थानाध्यक्षों की ओर से नदी किनारे मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की जा रही है। मधुबनी प्रखंड के चिउरही और सिसई पंचायत में ग्रामीण अपने सामान और मवेशियों के साथ ऊंचे एवं सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। वहीं चकदहवा, झंडू टोला और बीन टोली में भी प्रशासन की ओर से गांव खाली कराने की तैयारी की जा रही है।
फिलहाल गंडक नदी में वाटर डिस्चार्ज करीब 1.06 लाख क्यूसेक के आसपास बताया जा रहा है। आने वाले समय में इसके कई गुना बढ़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन जिलों में नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। नेपाली अधिकारियों ने पानी के अचानक बढ़ने के पीछे ग्लेशियल झील फटने से आई बाढ़ (GLOF) की संभावना भी जताई है। नेपाल के जल विज्ञान एवं मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में पानी का बहाव तेजी से बढ़ा है।
इधर, बिहार के उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी स्थिति को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगले 24 घंटे तक विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव कार्यों के लिए अतिरिक्त टीमों को तैनात किया गया है।
प्रशासन ने निजी नावों के परिचालन पर रोक लगा दी है, जबकि सरकारी नावों को जरूरत के अनुसार चालू रखा गया है। सीओ वसीम अकरम ने बताया कि प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जिला प्रशासन ने गंडक नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन पूरी तरह सतर्क रहें। लोगों को बिना वजह नदी के करीब नहीं जाने, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने तथा मवेशियों के लिए भी पहले से सुरक्षित स्थान की व्यवस्था करने को कहा गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक सूचना के आधार पर ही कदम उठाएं। जलस्तर बढ़ने या प्रशासन की ओर से किसी तरह की चेतावनी जारी होने पर लोगों से तत्काल सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की गई है।
प्रशासन का संदेश साफ है—घबराएं नहीं, सतर्क रहें। अगले 24 घंटे गंडक नदी के तटीय इलाकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
