पटना। बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में किसानों, पशुपालकों, युवाओं, उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में सबसे अधिक जोर सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने पर दिया गया। सरकार ने नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन और निजी नलकूपों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया और ऑनलाइन मीडिया के जरिए सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार को लेकर नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया।
कैबिनेट ने नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन के लिए करीब 30.35 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। यह कार्य दो वर्षों में पूरा किया जाएगा। वहीं सात निश्चय-3 के तहत कटिहार में नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन पर करीब 35.81 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष में ‘हर खेत तक सिंचाई का पानी’ योजना के तहत 11 हजार अतिरिक्त निजी नलकूप लगाने की मंजूरी दी है। इसके बाद राज्य में निजी नलकूपों की कुल संख्या करीब 46 हजार हो जाएगी। इससे लगभग 2.30 लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पशुपालन और सहकारिता को बढ़ावा
पशुपालन क्षेत्र में पशु नस्ल सुधार योजना को मंजूरी दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना पर करीब 63.93 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 2026-27 में 48,200 मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित करने की योजना भी स्वीकृत की गई है।
मछुआरा समुदाय को संगठित और मजबूत करने के लिए जिला, प्रखंड और राज्य स्तर पर मछुआरा सहकारी संघों के गठन को भी मंजूरी दी गई है।
बंद चीनी मिलों की जमीन पर नई सहकारी मिलें
सात निश्चय-3 के तहत ‘समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार’ की परिकल्पना को आगे बढ़ाते हुए मधुबनी के सकरी और दरभंगा के श्याम में बंद पड़ी चीनी मिलों की जमीन पर नई सहकारी चीनी मिलें स्थापित करने का फैसला लिया गया है।
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे PPP मॉडल पर बनेगा
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में कैबिनेट ने बक्सर-भागलपुर 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना को PPP मॉडल पर विकसित करने की मंजूरी दी है। वहीं ऊर्जा क्षेत्र में लखीसराय की कजरा सोलर पावर परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के लीज दस्तावेजों पर स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क में 100 फीसदी छूट देने का निर्णय लिया गया है।
युवाओं के लिए मजबूत होंगे जिला नियोजनालय
युवाओं को रोजगार और बेहतर करियर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए जिला नियोजनालयों को मजबूत किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसरों और करियर से जुड़ी जानकारी बेहतर तरीके से उपलब्ध कराना है।
वहीं लंबे समय से निष्क्रिय बिहार पंचायती राज वित्त निगम के पुनर्जीवन की संभावना नहीं होने के कारण कंपनी अधिनियम-2013 के तहत NCLT में परिसमापन की कार्रवाई के लिए मामला दायर करने की मंजूरी दी गई है।
बिहार में विकसित होगा AI इकोसिस्टम
टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य में AI इकोसिस्टम विकसित करने के लिए ताइयो एआई इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के बीच MoU किए जाने को मंजूरी दी गई है।
सोशल मीडिया और ऑनलाइन मीडिया की नियमावली में बदलाव
सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार को सोशल मीडिया, वेब पोर्टल और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया (संशोधन) नियमावली-2026 में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है।
इसके तहत नियमावली की कंडिका 8(vi), 11, 11(A) और 11(B) में आंशिक संशोधन कर सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के प्रदर्शन के आधार पर अतिरिक्त राशि के भुगतान की व्यवस्था को स्पष्ट किया जाएगा।
इसके अलावा नई कंडिका 14(A), 14(B) और 14(C) जोड़े जाने का प्रस्ताव है। इनके तहत सूचीबद्ध सोशल मीडिया हैंडल, पेज और चैनलों के फॉलोअर्स की समय-समय पर जांच की जाएगी। विशेष परिस्थितियों में गैर-सूचीबद्ध प्रतिष्ठित सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स को भी विज्ञापन देने की व्यवस्था होगी। नियमावली में किसी तरह की अस्पष्टता होने पर आवश्यक स्पष्टीकरण देने का प्रावधान भी किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन संशोधनों का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाना है।
