पूर्णिया के युवक पर आतंकी संगठन से जुड़ने का आरोप, यूपी ATS ने मेरठ से किया गिरफ्तार
पूर्णिया। पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र में संदिग्ध आतंकी गतिविधियों को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के मेरठ में यूपी एटीएस की टीम ने सोमवार, 17 अगस्त को पूर्णिया जिले के रौटा थाना क्षेत्र के मीरगंज गांव निवासी 24 वर्षीय मोहम्मद जफर को गिरफ्तार किया है। यूपी एटीएस की ओर से जफर पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े होने और संगठन के लिए काम करने का आरोप लगाया गया है। गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद पूर्णिया स्थित उसके गांव में भी सनसनी फैल गई है।

पांच साल की उम्र में पढ़ने गया था मेरठ
परिजनों के अनुसार, मोहम्मद जफर करीब पांच वर्ष की उम्र में पढ़ाई के लिए मेरठ स्थित एक मदरसे में गया था। इसके बाद वह अधिकांश समय मेरठ में ही रहता था। जफर के माता-पिता का कहना है कि मदरसे का खर्च निकालने के लिए वह मदरसे के नाम पर चंदा एकत्र करता था। परिवार का दावा है कि जफर पर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
परिजनों के मुताबिक, जफर की शादी मई 2026 में हुई थी। वह सात बहनों और पांच भाइयों में छठे नंबर पर है। गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद उसके घर में मातम जैसा माहौल है और परिवार के लोग इस घटना से बेहद परेशान हैं।
यूपी एटीएस का गंभीर आरोप
यूपी एटीएस के अनुसार, जफर मदरसे के नाम पर चंदा एकत्र करता था और आरोप है कि इस रकम को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद तक पाकिस्तान भेजा जाता था। एटीएस ने उसके जैश-ए-मोहम्मद से संपर्क होने और संगठन के लिए काम करने का भी दावा किया है।
एटीएस के मुताबिक, जफर कथित तौर पर संगठन से जुड़े जिहादी साहित्य को मेरठ और आसपास के इलाकों में फैलाने का काम करता था। एजेंसी के इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
ग्रामीणों को नहीं हो रहा विश्वास
जफर की गिरफ्तारी की खबर से उसके गांव के लोग भी हैरान हैं। पड़ोसियों और ग्रामीणों का कहना है कि वे जफर को बचपन से जानते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, जफर कभी-कभार गांव आता था और लोगों से सामान्य रूप से मिलता-जुलता था। ग्रामीणों का कहना है कि उसके किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल होने की जानकारी उन्हें कभी नहीं मिली।
परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होनी चाहिए और यदि आरोप गलत हैं तो सच्चाई सामने आनी चाहिए।
सूचना के बाद रौटा थाना पुलिस पहुंची घर
मोहम्मद जफर की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद रौटा थाना पुलिस उसके घर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। स्थानीय पुलिस की ओर से भी अपने स्तर पर जांच की जा रही है।
इस संबंध में पूर्णिया के एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने कहा कि उन्हें अभी तक यूपी एटीएस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। हालांकि, जिला पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच करा रही है।
सीमांचल में पहले भी सामने आए हैं ऐसे मामले
पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र में इससे पहले भी संदिग्ध आतंकी गतिविधियों को लेकर गिरफ्तारियां होती रही हैं। वर्ष 2011 में पूर्णिया जंक्शन से एक अफगानी नागरिक की गिरफ्तारी का मामला सामने आया था। वहीं 2012 में खाता हाट क्षेत्र से एक संदिग्ध को केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम द्वारा गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई थी। वर्ष 2025 में कटिहार से भी संदिग्धों की गिरफ्तारी का मामला सामने आया था।
नेपाल और बांग्लादेश की सीमा के नजदीक होने के कारण सीमांचल क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माना जाता रहा है। ऐसे में मेरठ में पूर्णिया निवासी युवक की गिरफ्तारी ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और सीमांचल में संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हालांकि, मोहम्मद जफर पर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यूपी एटीएस अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है, जबकि पूर्णिया पुलिस भी अपने स्तर से पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है।
