15 वर्षों में लगा चुके हैं 50 हजार से अधिक पौधे, अपनी आय का 50 प्रतिशत करते हैं पर्यावरण संरक्षण पर खर्च
पूर्णिया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पूर्णिया के युवा पर्यावरण प्रेमी श्रीनिवास गौतम एक बार फिर चर्चा में हैं। ‘ट्री मैन ऑफ बिहार’ के नाम से पहचान बनाने वाले श्रीनिवास गौतम पिछले 15 वर्षों से लगातार वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। संयोगवश उनका जन्मदिन भी 5 जून यानी विश्व पर्यावरण दिवस के दिन ही पड़ता है, जिसे वे हर वर्ष पेड़-पौधों के बीच मनाते हैं।

सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके श्रीनिवास गौतम वर्तमान में पूर्णिया कॉलेज में संचालित प्राक परीक्षा केंद्र के कोऑर्डिनेटर के रूप में कार्यरत हैं। पर्यावरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे अपनी आय का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा पौधारोपण और उनके संरक्षण पर खर्च करते हैं।
श्रीनिवास गौतम अब तक 50 हजार से अधिक पेड़-पौधे लगा चुके हैं। कोरोना काल के दौरान भी उन्होंने अपने जन्मदिन पर 500 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था। पिछले कई वर्षों से वे प्रत्येक जन्मदिन पर सैकड़ों पौधे लगाकर लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
बीकोठी प्रखंड के औराही गांव स्थित अपनी खाली जमीन पर उन्होंने बड़ी संख्या में फलदार वृक्ष लगाए हैं। उनका सपना “ग्रीन पूर्णिया” बनाना है। उनका मानना है कि यदि आज पौधे नहीं लगाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण और पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध कराना मुश्किल हो जाएगा।
श्रीनिवास गौतम पर्यावरण संरक्षण के अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए कई जनप्रतिनिधियों और पर्यावरण से जुड़े लोगों से भी मुलाकात कर चुके हैं। हाल ही में उन्होंने मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी से मिलकर पर्यावरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की थी।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में लोग प्रसिद्धि के लिए सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो साझा करते हैं, लेकिन वास्तविक बदलाव तभी आएगा जब हर व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प ले। उनका संदेश है कि “अगर लोगों को कल देखना है तो आज पौधे लगाने होंगे।”
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर श्रीनिवास गौतम ने लोगों से अपील की कि वे अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ या अन्य विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं। उनका मानना है कि पर्यावरण और जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी निस्वार्थ सेवा और समर्पण आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है। पूर्णिया समेत पूरे बिहार में लोग उन्हें सम्मानपूर्वक “ट्री मैन ऑफ बिहार” के नाम से जानते हैं।
