बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को सरकारी आवास ’10 सर्कुलर रोड’ खाली करने के लिए दिए गए नोटिस के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। आवास खाली करने को लेकर पूछे गए सवाल पर राबड़ी देवी ने साफ तौर पर बंगला खाली करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि यह राबड़ी देवी की “भाषाई हठधर्मिता” है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसा क्या कारण है जिसके चलते वह सरकारी आवास छोड़ना नहीं चाहती हैं। उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री को पहले भी तीन बार नोटिस दिया जा चुका है और उन्हें 39 नंबर आवास आवंटित किया गया है, जहां सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा महुआबाग में नया आवास निर्माणाधीन है तथा कौटिल्य नगर में भी मकान बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को भी अलग आवास आवंटित है, फिर आखिर 10 सर्कुलर रोड से इतना मोह क्यों है, इसका जवाब जनता जानना चाहती है।
इधर पटना जिला क्रियान्वयन समिति की बैठक के बाद बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी से पत्रकारों ने राबड़ी देवी के बंगला विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में विजय चौधरी ने कहा कि सभी को नियमों का पालन करना चाहिए और सरकारी आवास से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए।
उधर राबड़ी आवास को लेकर प्रशासन भी सतर्क नजर आया। राबड़ी देवी के बयान के बाद सचिवालय एसडीपीओ अनु कुमारी पुलिस बल के साथ 10 सर्कुलर रोड पहुंचीं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों तथा महिला पुलिस बल की तैनाती की गई। जानकारी के अनुसार एसडीपीओ अनु कुमारी आवास के बाहर सुरक्षा कर्मियों से बातचीत कर रही थीं और राबड़ी देवी से मुलाकात की कोशिश कर रही थीं। पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक गलियारों की नजर बनी हुई है।
