पूर्णिया। देश के कई राज्यों में करोड़ों रुपये की सोने की लूट की वारदातों का मास्टरमाइंड और कुख्यात इंटरस्टेट गोल्ड लूट गैंग का सरगना सुबोध सिंह अब तेलंगाना पुलिस की गिरफ्त में है। गुरुवार की शाम हैदराबाद पुलिस की विशेष टीम उसे प्रोडक्शन वारंट पर पूर्णिया केंद्रीय कारागार से अपने साथ लेकर रवाना हुई। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, प्रशासनिक और सुरक्षा कारणों से सुबोध सिंह को 11 मई को पटना की बेऊर जेल से पूर्णिया केंद्रीय कारागार स्थानांतरित किया गया था। उसके जेल पहुंचने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सख्त कर दिया गया था तथा उसकी गतिविधियों और मुलाकातियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी।
82 लाख की ज्वेलरी लूट से जुड़ा है मामला
सुबोध सिंह को तेलंगाना ले जाने की कार्रवाई करीमनगर स्थित पीएमजे ज्वेलर्स में 3 मई को हुई 82.02 लाख रुपये के सोने के आभूषणों की लूट के मामले में की गई है। इस सनसनीखेज वारदात की जांच के दौरान हैदराबाद पुलिस ने 15 मई को गिरोह के तीन शूटरों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि पूरी लूट की साजिश जेल में बंद सुबोध सिंह ने ही रची थी।
पुलिस के अनुसार, सुबोध सिंह जेल के भीतर से एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से अपने गिरोह का संचालन कर रहा था, जिससे उसकी गतिविधियों को ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था। यही वजह है कि तेलंगाना पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
मुखबिर से बना देश का बड़ा अपराधी
नालंदा जिले के चिस्तीपुर गांव निवासी 42 वर्षीय सुबोध सिंह ने अपराध की दुनिया में 1996 में कदम रखा था। शुरुआत में वह बिहार पुलिस और एसटीएफ का मुखबिर भी रहा। इसी दौरान उसने पुलिस की कार्यप्रणाली, जांच तकनीक और कानूनी प्रक्रियाओं को करीब से समझा, जिसका बाद में उसने अपराध जगत में फायदा उठाया।
साल 2008 में बैंक डकैती की घटनाओं से उसने अपने आपराधिक करियर को नई दिशा दी। इसके बाद उसने देशभर के बड़े ज्वेलरी शोरूमों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में सोना लूट की बड़ी घटनाओं में उसका नाम सामने आया।
पूर्णिया तनिष्क डकैती से भी जुड़ा नाम
सुबोध सिंह का नाम जुलाई 2024 में पूर्णिया के चर्चित तनिष्क शोरूम डकैती कांड में भी सामने आया था। जांच एजेंसियों ने दावा किया था कि बेऊर जेल में बंद रहते हुए उसने इस करोड़ों रुपये की डकैती की साजिश रची थी। इसके बाद उसे पश्चिम बंगाल की पुरुलिया जेल भी भेजा गया था।
वर्तमान में सुबोध सिंह के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में हत्या, लूट, डकैती और संगठित अपराध के 42 से अधिक मामले दर्ज हैं। अब तेलंगाना पुलिस उससे पूछताछ कर पूरे इंटरस्टेट गोल्ड लूट नेटवर्क का खुलासा करने की तैयारी में है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि सुबोध सिंह से पूछताछ के बाद कई राज्यों में हुई ज्वेलरी लूट की घटनाओं से जुड़े अहम राज सामने आ सकते हैं।
