बिहार में 11 नए टाउनशिप का बड़ा फैसला: जमीन खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक, योजनाबद्ध शहरी विकास की तैयारी

पटना, संवाददाता:
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बिहार के शहरी विकास को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। राज्य के 11 जिलों में नए टाउनशिप विकसित करने की योजना को मंजूरी देते हुए सरकार ने इन क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, स्थानांतरण और निर्माण कार्य पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय लिया है।

सरकार के अनुसार, पटना में “पाटलिपुत्र टाउनशिप” विकसित किया जाएगा। इसके अलावा सोनपुर के पास हरिहरनाथपुर, गया के पास मगध, दरभंगा के पास मिथिला, सहरसा के पास कोशी, पूर्णिया के पास पूर्णिया, मुंगेर के पास अंग, मुजफ्फरपुर के पास तिरहुत, छपरा के पास सारण, भागलपुर के पास विक्रमशिला और सीतामढ़ी के पास सीतापुरम नाम से नए टाउनशिप बसाए जाएंगे।

इन टाउनशिप के विकास के लिए लगभग 800 से 1200 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी, जबकि निर्माण के बाद ये क्षेत्र वर्तमान से लगभग 10 गुना तक विस्तारित होंगे। सरकार इन्हें आधुनिक शहरी सुविधाओं से लैस करते हुए योजनाबद्ध तरीके से विकसित करेगी।

कैबिनेट ने स्पष्ट किया है कि मास्टर प्लान तैयार होने तक पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में 31 मार्च 2027 तक जमीन की खरीद-बिक्री, भूमि हस्तांतरण और निर्माण कार्य पर रोक रहेगी। हालांकि, यदि मास्टर प्लान पहले तैयार हो जाता है तो यह रोक समय से पहले भी हटाई जा सकती है।

वहीं मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी में प्रस्तावित टाउनशिप के लिए पहले से निर्धारित मास्टर प्लान क्षेत्र में विस्तार किया जाएगा। इसके लिए तीन माह का समय निर्धारित किया गया है। इन क्षेत्रों में 30 जून 2027 तक भूमि से जुड़े सभी कार्यों पर रोक लागू रहेगी।

सरकार का कहना है कि यह कदम बिहार शहरी आयोजना एवं विकास योजना के तहत लिया गया है, जिससे भविष्य में अव्यवस्थित शहरीकरण को रोका जा सके और आधुनिक, सुव्यवस्थित शहरों का निर्माण हो सके।

इस फैसले को राज्य में निवेश, रोजगार और बेहतर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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