नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर सियासी संग्राम तेज, पोस्टर वॉर से गरमाई राजधानी

पटना। नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल को लेकर राजधानी में सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है। शहर के विभिन्न इलाकों में इंडिया गठबंधन के खिलाफ लगाए गए पोस्टरों ने राजनीतिक बहस को और तीखा कर दिया है। इन पोस्टरों के जरिए सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष पर बड़ा और सीधा हमला बोला गया है।

पोस्टरों में महाभारत का संदर्भ देते हुए द्रौपदी चीरहरण का दृश्य दर्शाया गया है। इसमें नरेंद्र मोदी को भगवान कृष्ण के रूप में दिखाया गया है, जबकि अन्य नेताओं को पांडवों के प्रतीक के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। इन चित्रों के माध्यम से महिलाओं के सम्मान के मुद्दे को केंद्र में रखकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई है।

एक पोस्टर में साफ तौर पर लिखा गया है—
“महा गठबंधन नारी शक्ति के खिलाफ है, जनता उन्हें माफ नहीं करेगी।”
इसके साथ ही आरोप लगाया गया है कि इंडिया गठबंधन ने महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित किया है।

वहीं दूसरे पोस्टर में संदेश दिया गया है—
“नारी का सम्मान, मोदी जी का स्वाभिमान… द्रौपदी की लाज बचाने जैसे आए घनश्याम… महिला आरक्षण विधेयक से बढ़ेगा देश का स्वाभिमान।”

एक अन्य पोस्टर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक महिला की कुर्सी खींचते हुए दिखाया गया है, जिसे विपक्ष पर तीखा और विवादित हमला माना जा रहा है।

इन पोस्टरों के सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। सत्ता पक्ष जहां इसे महिलाओं के सम्मान की लड़ाई बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे भ्रामक और राजनीतिक प्रचार करार दे रहा है।

उधर, आज पटना में प्रस्तावित महारैली को लेकर भी सियासी हलचल तेज है। माना जा रहा है कि इस रैली के जरिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम और महिला आरक्षण के मुद्दे को और जोर-शोर से उठाया जाएगा। आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा केंद्र बिंदु बन सकता है।

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