गंगा कटाव से त्रस्त ग्रामीणों का अनोखा विरोध, गंगा पूजन के साथ रखा एक दिवसीय उपवास
खगड़िया:
कहते हैं जब कहीं सुनवाई नहीं होती तो इंसान भगवान की शरण में जाता है। कुछ ऐसा ही दृश्य बिहार के खगड़िया जिले में देखने को मिला, जहां गंगा नदी के लगातार हो रहे कटाव से परेशान ग्रामीणों ने गंगा किनारे एक दिवसीय उपवास रखकर गंगा मैया से गांवों को बचाने की गुहार लगाई।
दरअसल, पिछले कई वर्षों से गंगा नदी के कटाव के कारण खगड़िया के साथ-साथ बेगूसराय और मुंगेर जिले के पांच पंचायतों के हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन नदी में समाहित हो चुकी है। कटाव की वजह से कई गांवों के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है और ग्रामीण लगातार इस समस्या का दंश झेल रहे हैं।
इसी को लेकर खगड़िया के स्थानीय नेताओं, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ सैकड़ों ग्रामीण गंगा तट पर जुटे और एक दिवसीय उपवास रखा। उपवास के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं ने हाथों में पान और फूल लेकर विधि-विधान से गंगा पूजन किया और गंगा मैया से प्रार्थना की कि वे गांवों को बर्बादी से बचाएं और कटाव को रोक दें।
इस कार्यक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी ग्रामीणों के समर्थन में शामिल हुए। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा अब तक केवल आश्वासन ही दिया गया है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि गंगा किनारे जल्द से जल्द बंडाल (कटाव रोधी संरचना) का निर्माण कराया जाए, ताकि कटाव को रोका जा सके। उनका कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर जोरदार आंदोलन किया जाएगा।
