मंत्री लेशी सिंह के जन्मदिवस पर पूर्णिया में “विकास दिवस” मनाया गया
सेवा, संवेदना और सामाजिक न्याय के संदेश के साथ पूरे जिले में चले कार्यक्रम

पूर्णिया। बिहार सरकार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेशी सिंह के जन्मदिवस को धमदाहा विधानसभा क्षेत्र सहित पूर्णिया जिले में समर्थकों और शुभचिंतकों द्वारा “विकास दिवस” के रूप में मनाया गया। पूरे दिन सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदना पर केंद्रित कई जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित हुए।

धमदाहा एवं के. नगर प्रखंड सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं ने आदिवासी एवं दलित बस्तियों में पहुंचकर जन्मदिवस उत्सव को हर्षोल्लास के साथ मनाया। प्रत्येक पंचायत में आदिवासी एवं दलित महिलाओं के हाथों केक कटवाकर समानता और सम्मान का संदेश दिया गया। बच्चों के बीच मिठाई, चॉकलेट और जलेबी वितरित की गई, वहीं जरूरतमंद परिवारों के लिए कंबल और चादर बांटकर सामाजिक संवेदना का परिचय दिया गया। कई पंचायतों में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।


इसी क्रम में पूर्णिया स्थित वृद्धा आश्रम में जदयू के वरिष्ठ नेता मनोज मंडल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनके बीच कंबल, फल एवं आवश्यक सामग्री वितरित की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बुजुर्गों के अनुभव और आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। वृद्धजनों ने मंत्री लेशी सिंह के दीर्घायु जीवन की कामना की।

वहीं, अम्बेडकर विचार मंच के तत्वावधान में वरिष्ठ नेता मनोज पासवान के नेतृत्व में सैकड़ों गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच कंबल एवं भोजन का वितरण किया गया तथा वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। सभी ने मंत्री लेशी सिंह को विकास के मार्ग पर सहयोग देने का संकल्प दोहराया।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि मंत्री लेशी सिंह का राजनीतिक जीवन गरीबों, वंचितों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों की सेवा को समर्पित रहा है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के माध्यम से उन्होंने राशन व्यवस्था को बेहतर बनाकर अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक उसका लाभ पहुँचाने का कार्य किया है। “विकास दिवस” के आयोजन के जरिए कार्यकर्ताओं ने उनके प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया।
पूरे कार्यक्रम में सेवा, समानता और सामाजिक न्याय की भावना स्पष्ट रूप से झलकी, जिसने पूर्णिया जिले में सामाजिक एकजुटता और मानवीय संवेदना की मिसाल कायम की।
कार्यक्रम के संचालन और नेतृत्व में उदय शुक्ला, शम्भू जायसवाल, संतोष मिश्रा, नवीन महतो, सजाजुल एवं गौतम चौधरी सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे।
