जदयू-भाजपा पर संजय यादव का हमला, कहा – 20 साल की सरकार ने बिहार को दिया सिर्फ़ बेरोज़गारी और पलायन

जदयू-भाजपा पर संजय यादव का हमला, कहा – 20 साल की सरकार ने बिहार को दिया सिर्फ़ बेरोज़गारी और पलायन।

पटना, संवाददाता।


राज्यसभा सांसद और तेजस्वी यादव के बेहद करीबी संजय यादव ने नीतीश कुमार और भाजपा पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि 20 साल की सरकार ने बिहार को आखिर क्या दिया?

संजय यादव ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन और वृद्धा पेंशन जैसी योजनाओं में 17 साल तक सिर्फ़ ₹400 ही मिलता रहा। इसमें बढ़ोतरी क्यों नहीं की गई? जब तेजस्वी यादव ने आवाज़ उठाई, तब जाकर सरकार नींद से जागी।

“तेजस्वी जी के विज़न को कॉपी कर रही सरकार”

संजय यादव ने कहा कि आज नीतीश कुमार और भाजपा के पास कोई सकारात्मक एजेंडा नहीं है।
“तेजस्वी जी के विज़न, उनके रोडमैप और ब्लूप्रिंट को कॉपी करने के अलावा इनके पास जनता को देने के लिए कुछ नहीं है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और जदयू सिर्फ़ जनता का अपमान कर रहे हैं। रोज़ एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं और अलग-अलग मुख्यमंत्री उम्मीदवार बताते हैं।

“20 सालों में बिहार को क्या मिला?”

संजय यादव ने सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि 20 सालों में बिहार को मिला –

बेरोज़गारी

पलायन

महंगाई

गरीबी

उन्होंने कहा कि बिहार देश का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है, लेकिन –

प्रति व्यक्ति आय में सबसे नीचे है

बिजली खपत में सबसे नीचे है

सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य में सबसे पीछे है

“फैक्ट्री जाती गुजरात, बिहारी बाहर भेजे जाते हैं”

संजय यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा।
“मोदी जी कहते हैं बिहार में फैक्ट्री देंगे, लेकिन फैक्ट्री जाती है गुजरात। बिहार के युवाओं को खाली ट्रेन से बाहर भेजा जाता है।”

उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी घेरा और कहा कि वे अब बिना लिखा हुआ भाषण नहीं बोलते और जनता दरबार भी लंबे समय से नहीं लगाया।

मांझी, चिराग और ललन सिंह पर भी निशाना

संजय यादव ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पर कहा –
“आपके मंत्रालय ने बिहार को क्या दिया?”

चिराग पासवान को लेकर बोले –
“मंत्री रहते आपने बिहार को क्या दिया?”

ललन सिंह पर भी सवाल उठाया कि उन्होंने अपने विभाग से बिहार को क्या दिया।

जनता चाहती है सकारात्मक काम

संजय यादव ने कहा कि बिहार की जनता अब सिर्फ़ नकारात्मक राजनीति नहीं, बल्कि सकारात्मक काम चाहती है। उन्होंने सवाल किया –

बिहार में सबसे ज़्यादा गरीबी क्यों है?

सबसे ज़्यादा बेरोज़गारी क्यों है?

4 करोड़ बिहारी रोज़गार के लिए बाहर क्यों जाते हैं?

बिहार में उद्योग-धंधे क्यों नहीं लगते?

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा क्यों नहीं है?

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