क्लासरूम बना ट्रेन से बच्चों की पढ़ाई में लौटी रौनक, देखें रिपोर्ट।

🚂 कटिहार का क्लासरूम बना ट्रेन – बच्चों की पढ़ाई में लौटी रौनक

✍️ रिपोर्ट: करण कुमार
📅 कटिहार, बिहार

कटिहार जिले के एक छोटे से गांव में शिक्षा की दुनिया में एक अनोखा प्रयोग चर्चा का विषय बन गया है। सुधानी मध्य विद्यालय ने बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए अपने क्लासरूम को ट्रेन की बोगियों का रूप दे दिया है।

अब स्कूल की दीवारें रंग-बिरंगी रेल बोगियों जैसी दिखती हैं। इसका नतीजा ये हुआ कि बच्चे, जो पहले स्कूल आने से कतराते थे, अब पूरे उत्साह के साथ कक्षाओं में बैठने लगे हैं।

🎒 बच्चों की नई दुनिया

बच्चों का कहना है कि उन्हें अब ऐसा महसूस होता है मानो वे किताबों के बीच नहीं, बल्कि ट्रेन की यात्रा पर हों। यही वजह है कि छुट्टियों में भी उन्हें स्कूल की कमी खलती है।

👨‍🏫 शिक्षकों की राय

शिक्षकों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में बच्चों को स्कूल तक लाना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। अक्सर बच्चे खेतों या घरेलू कामों में लग जाते थे। लेकिन जैसे ही कक्षाओं ने ट्रेन का रूप लिया, माहौल पूरी तरह बदल गया। अब कक्षा खाली नहीं रहती, बल्कि रोजाना छात्र समय से पहुंचते हैं और पढ़ाई का आनंद लेते हैं।

🌱 शिक्षा की नई दिशा

इस पहल से न केवल बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है, बल्कि उनकी पढ़ाई के प्रति रुचि भी दोगुनी हो गई है। ग्रामीण शिक्षा में यह प्रयोग नई दिशा दिखा रहा है।

कटिहार का यह “क्लासरूम ट्रेन मॉडल” बाकी स्कूलों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। सचमुच, यह ट्रेन अब बच्चों के दिलों की असली सवारी बन चुकी है। 🚆✨

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *