बिहार कैबिनेट की बैठक: 48 एजेंडों पर मुहर, महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार, नई सड़कें और मेडिकल कॉलेज की सौगात।
पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में 48 एजेंडों पर सहमति बनी। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और आर्थिक विकास से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा हुई और उन्हें मंजूरी दी गई। इन फैसलों का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।
महिला रोजगार योजना
बैठक का सबसे बड़ा निर्णय महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने से जुड़ा रहा। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत हर परिवार की एक महिला को स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये की पहली किस्त दी जाएगी। रोजगार शुरू होने के छह महीने बाद आकलन कर 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता देने का भी प्रावधान किया गया है।


सड़क और जलापूर्ति योजनाएं
कैबिनेट ने 12 नई सड़क योजनाओं को मंजूरी दी है, जिन पर 1956 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, 131 शहरों में 4400.89 करोड़ रुपये की लागत से जलापूर्ति योजना को भी हरी झंडी मिली है।
शिक्षा और नियुक्तियां


शिक्षकों की नियुक्ति के लिए डोमिसाइल नीति को मंजूरी दी गई है, जिससे बिहार के युवाओं को शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा।
अनुसूचित जाति-जनजाति आवासीय विद्यालयों में 1800 पदों के सृजन को स्वीकृति मिली।
पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की छात्रवृत्ति योजना के लिए 241 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा फैसला


स्वास्थ्य विभाग के प्रस्ताव पर किशनगंज, कटिहार, रोहतास, शिवहर, लखीसराय, अरवल और शेखपुरा में नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने को मंजूरी दी गई।
इसके साथ ही मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने के लिए नए पद सृजित किए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न कर रहे छात्रों की छात्रवृत्ति राशि बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया।
मानदेय और भत्ते में वृद्धि

पंचायती राज विभाग ने ग्राम कचहरी सचिव का मानदेय 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये किया।
तकनीकी सहायक और लेखपाल (आईटी सहायक) के मानदेय में भी वृद्धि की गई।
आतंकवादी निरोधक दस्ता (ATS) को 30% जोखिम भत्ता देने को मंजूरी दी गई।
खिलाड़ियों और न्यायपालिका से जुड़े फैसले
बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति नियमावली 2025 को मंजूरी दी गई।
उच्च न्यायालय और एटीएस में नए पदों के सृजन का निर्णय हुआ।
निष्कर्ष
बिहार कैबिनेट की इस बैठक में लिए गए फैसले महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, शिक्षा सुधार और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं का सीधा फायदा बिहार की जनता को मिलेगा।
