बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश को लोकतंत्र की ऐतिहासिक जीत करार दिया है। महागठबंधन नेताओं का कहना है कि चुनाव आयोग द्वारा छुपाई जा रही महत्वपूर्ण जानकारियों को अब सार्वजनिक करने का आदेश जनता के अधिकारों की जीत है।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में तीन अहम बिंदु स्पष्ट किए—आधार कार्ड को मान्यता, 65 लाख मतदाताओं के नाम विलोपन की जानकारी वेबसाइट पर अपलोड करना और दूरदर्शन, अखबार समेत अन्य माध्यमों से इसे प्रचारित करना। तेजस्वी ने कहा कि यह फैसला उन ताकतों को करारा जवाब है जो लोकतंत्र को कमजोर करना चाहती थीं।

तेजस्वी यादव ने उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, हेमंत सोरेन समेत विपक्षी नेताओं का आभार व्यक्त किया। तेजस्वी ने कहा, “हमारी पार्टी लाठी नहीं, लैपटॉप और डेटा रिसर्च से काम करती है।” उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने कभी SIR पर प्रेस वार्ता कर जनता को जानकारी देने की कोशिश नहीं की।
तेजस्वी ने दावा किया कि आगामी चुनाव में NDA की हार तय है और बिहार के लोग एकजुट होकर जवाब देंगे। उन्होंने कहा, “बीजेपी चुनाव आयोग के माध्यम से मतों की चोरी कर रही थी, इसलिए हम लगातार कहते रहे कि बीजेपी के चोर की दाढ़ी में तिनका है।
महागठबंधन ने संकल्प लिया कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए यह लड़ाई हर मंच पर जारी रहेगी।
