प्रतीक कुमार सिंह, मोतिहारी। पूर्वी चंपारण जिले में नकली करेंसी के कारोबार से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। हरसिद्धि थाना क्षेत्र के मानिकपुर चौक पर वाहन जांच के दौरान पुलिस ने 19 लाख 98 हजार 500 रुपये नकद के साथ उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी एक युवक को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गोरखपुर जिले के बरहलगंज थाना क्षेत्र निवासी रोहित कुमार शाही (35) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से 500 रुपये के कुल 3,997 नोट बरामद किए गए हैं। हालांकि, बरामद नोट असली हैं या नकली, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले को संदिग्ध बनाने वाली सबसे अहम बात आरोपी के मोबाइल फोन से मिले जाली नोटों के कारोबार से संबंधित चैट, वीडियो और एक ही सीरियल नंबर वाले पांच नोटों की तस्वीरें हैं। पुलिस अब इस मामले की कड़ियां गोरखपुर से लेकर पश्चिमी चंपारण के बेतिया तक जोड़ने में जुटी है।
अरेराज डीएसपी पंकज कुमार मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 28 अक्टूबर की शाम डायल-112 पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि यूपी नंबर की एक फॉर्च्यूनर कार और उसके पीछे चल रही नेक्सन कार में सवार कुछ लोग मोतिहारी से अरेराज की ओर जा रहे हैं।
सूचना पर एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर डीएसपी के नेतृत्व में हरसिद्धि पुलिस ने मानिकपुर चौक पर वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान आगे चल रही फॉर्च्यूनर कार तेजी से निकल गई, जबकि पीछे आ रही नेक्सन कार को पुलिस ने रोक लिया। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान कार से बैग लेकर भागने की कोशिश कर रहे रोहित कुमार शाही को जवानों ने पकड़ लिया। हालांकि, कार में सवार अन्य लोग मौके से फरार हो गए।
बैग की तलाशी में मिले 500 रुपये के 3,997 नोट
पुलिस ने जब आरोपी के बैग की तलाशी ली तो उसमें 500 रुपये के नोटों के 40 बंडल मिले। नोटों की कुल कीमत 19 लाख 98 हजार 500 रुपये आंकी गई। इतनी बड़ी रकम के संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पुलिस का कहना है कि वह बार-बार अपना बयान बदल रहा था और नकदी से संबंधित कोई वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर पाया।
मोबाइल में मिले संदिग्ध चैट और वीडियो
जांच के दौरान आरोपी का मोबाइल फोन पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ। पुलिस के अनुसार, मोबाइल में फॉर्च्यूनर कार में सवार सोनू सिंह के साथ जाली नोटों के कारोबार से संबंधित संदिग्ध चैट मिली है। इसके अलावा रीसायकल बिन में एक ही नंबर वाले पांच नोटों की तस्वीरें और फेक करेंसी से जुड़े कई वीडियो भी मिले हैं। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि कथित गिरोह के सदस्यों और उनके कारोबार के तरीके का पता लगाया जा सके।
गोरखपुर के लोगों का नाम आया सामने, बेतिया तक पहुंची जांच
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि दोनों कारों में सवार अन्य लोग गोरखपुर के रहने वाले हैं और उनका संबंध बेतिया में जाली नोटों के कारोबार से है। हालांकि, पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मोतिहारी और पश्चिमी चंपारण जिले में कई स्थानों पर छापेमारी की गई है।
बेतिया में छापेमारी के दौरान घर से मिले 10 जिंदा कारतूस
छापेमारी के दौरान पश्चिमी चंपारण जिले के बानुछापर थाना क्षेत्र के बेलवा निवासी अशोक मिश्रा के घर से .350 बोर के 10 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इस बरामदगी को लेकर बानुछापर थाने में अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, अशोक मिश्रा के खिलाफ नोटों की हेराफेरी से जुड़े करीब आधा दर्जन मामले पहले से दर्ज हैं।
फिलहाल पुलिस बरामद नकदी के वास्तविक स्रोत, मोबाइल में मिले डिजिटल साक्ष्यों, फरार आरोपियों और कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। जांच का सबसे बड़ा सवाल यह है कि करीब 20 लाख रुपये की यह नकदी किसकी थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था? साथ ही गोरखपुर, मोतिहारी और बेतिया के बीच इस कथित नेटवर्क की असली कड़ी क्या है?
इस कार्रवाई में अरेराज डीएसपी पंकज कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस अवर निरीक्षक मुनीर आलम, थानाध्यक्ष सुनील कुमार, अपर थानाध्यक्ष अविनाश कुमार, एसआई ऋतुराज जायसवाल, एसआई प्रीतम कुमार, एएसआई ब्रह्मदेव पासवान (डायल-112) सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
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