सावन की तीसरी सोमवारी पर लखीसराय के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक उमड़ी भीड़ के बीच भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि 10 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में कई महिलाएं शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि तीसरी सोमवारी के मौके पर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए करीब 50 हजार श्रद्धालु अशोक धाम मंदिर पहुंचे थे। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा थी।
जानकारी के अनुसार, सोमवार की सुबह पूजा के दौरान बिजली का एक पोल गिरने और करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। इसके बाद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई और लोग सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। इसी दौरान कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए और भगदड़ की स्थिति बन गई।
वहीं, जिलाधिकारी के अनुसार सुबह करीब 3 बजे से 3:30 बजे तक पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद थी और व्यवस्थाएं सामान्य थीं। करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच दो ट्रेनों के ठहराव के कारण श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ गई। पहले से मौजूद भीड़ के बीच अतिरिक्त श्रद्धालुओं के पहुंचने से दबाव और बढ़ गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन की ओर से पहले से ही सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की गई थी। मौके पर एंबुलेंस की व्यवस्था के साथ-साथ संकरी गलियों को देखते हुए टोटो एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस भी तैनात किए गए थे।
इसी बीच मंदिर के एक तरफ खेत की ओर से भीड़ के आगे बढ़ने की सूचना मिली। भीड़ के दबाव में बैरिकेडिंग टूट गई और कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर गए। इसके बाद भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई।
हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है।
प्रशासन की ओर से घटना की विस्तृत जांच की जा रही है और मृतकों एवं घायलों की संख्या के आधिकारिक आंकड़े आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
