जेईई (एडवांस्ड) 2026 में वीवीसीपी का शानदार प्रदर्शन, दो छात्रों ने हासिल की सफलता
पूर्णिया। विद्या विहार करियर प्लस (वीवीसीपी) ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा को कायम रखते हुए जेईई (एडवांस्ड) 2026 में उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। संस्थान के दो विद्यार्थियों ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे संस्थान और जिले का नाम गौरवान्वित किया है।
संस्थान की छात्रा आयुष्का परी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सीआरएल रैंक 24449 तथा जनरल-ईडब्ल्यूएस रैंक 3564 हासिल की है। वहीं छात्र सूरज कुमार ने एससी रैंक 3528 प्राप्त कर अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दिया है। दोनों विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से वीवीसीपी परिवार में खुशी का माहौल है।
गौरतलब है कि जेईई (एडवांस्ड) देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल है, जिसके माध्यम से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में नामांकन मिलता है। इस परीक्षा में सफलता को विद्यार्थियों की शैक्षणिक क्षमता, अनुशासन और निरंतर परिश्रम का प्रतीक माना जाता है।
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विद्या विहार ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सचिव राजेश चन्द्र मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों की यह सफलता पूरे विद्या विहार परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन का परिणाम है तथा उन्हें विश्वास है कि ये छात्र भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।
वीवीसीपी के निदेशक प्रशांत शंकर ने कहा कि जेईई (एडवांस्ड) जैसी चुनौतीपूर्ण परीक्षा में सफलता प्राप्त करना आसान नहीं होता। आयुष्का और सूरज ने कठिन परिश्रम, अनुशासन तथा निरंतर अभ्यास के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
संस्थान के पीआरओ आशीष झा ने भी दोनों सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग ने इस सफलता को संभव बनाया है।
संस्थान परिवार ने दोनों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी शिक्षकों, मेंटर्स, कार्यालय कर्मियों और अभिभावकों को भी बधाई दी है। वीवीसीपी प्रबंधन ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी संस्थान के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते रहेंगे।
