विक्रमशिला सेतु से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां पुल के एक हिस्से में धंसाव के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। देर रात करीब 12:35 बजे घटना की जानकारी मिलते ही ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पुल को खाली करा दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ चंद्रशेखर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जिला प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय रही, जिसने संभावित दुर्घटना को टाल दिया।

🚧 इंजीनियर सस्पेंड, IIT पटना करेगी जांच
घटना के बाद संबंधित कार्यपालक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। मामले की तकनीकी जांच के लिए IIT पटना की टीम मौके पर पहुंच चुकी है और पुल की संरचनात्मक स्थिति का आकलन किया जा रहा है।
🚦 वैकल्पिक मार्ग से यातायात जारी
फिलहाल आवागमन को डायवर्ट कर श्री कृष्ण सेतु के जरिए यातायात सुचारु किया जा रहा है। छोटे वाहनों के लिए नाव और स्टीमर की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर सेना से भी सहयोग लिया जा सकता है। इस संबंध में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षा मंत्री से बातचीत की है।
🏗️ पहले से तैयार थी DPR, नया पुल निर्माणाधीन
अध्यक्ष ने बताया कि विक्रमशिला सेतु के पुनर्निर्माण के लिए पहले ही DPR तैयार कर भेजा जा चुका था। इसके साथ ही भागलपुर में एक नए चार लेन पुल का निर्माण कार्य भी तेजी से जारी है।
⏳ तीन महीने में बहाली का लक्ष्य
प्रशासन का लक्ष्य है कि अगले तीन महीनों के भीतर विक्रमशिला सेतु की मरम्मत कर यातायात को फिर से बहाल किया जाए। फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
