पूर्णिया जिले के रौटा थाना क्षेत्र के शीशाबाड़ी गांव में बड़े पैमाने पर बैंक ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि सीएसपी संचालक और बैंक कर्मियों की मिलीभगत से करीब 300 लोगों के खातों से लगभग 3 करोड़ रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। इस घटना के बाद सैकड़ों आक्रोशित ग्रामीणों ने रौटा में सेंट्रल बैंक के पास बहादुरगंज-बायसी स्टेट हाईवे को जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया।
पीड़ितों के अनुसार, अब तक 278 महिलाओं के खातों से करीब 3 करोड़ रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। पीड़िता सुबांगी बेगम ने बताया कि उनके खाते से ही 14 लाख 57 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद बैंक प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही सीएसपी संचालक जुबैर आलम, उनके पुत्र इंतेसार आलम, रौटा स्थित सेंट्रल बैंक के मैनेजर रमण महतो और अन्य बैंक कर्मियों ने मिलकर इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया। जब भी पीड़ित पैसे की मांग करते थे, उन्हें टाल दिया जाता था।
बताया जा रहा है कि आरोपी सीएसपी संचालक जुबैर आलम मंगलवार सुबह अपने केंद्र पर ताला लगाकर फरार हो गया। इसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही रौटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर जाम हटवाया। पुलिस ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
फिलहाल पीड़ितों द्वारा रौटा थाना में लिखित आवेदन दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ठगी की गई राशि वापस दिलाने की मांग की है।
इस घटना ने बैंकिंग व्यवस्था और सीएसपी संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।
