पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाना क्षेत्र में स्थित गवंदरा इस्लामिया मदरसा में पुलिस की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने एक देसी पिस्टल, खोखा और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। मौके से मदरसे के मौलवी समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। एहतियातन मदरसे को सील कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात को सूचना मिली थी कि मदरसे में कुछ संदिग्ध लोग ठहरे हुए हैं और वहां अवैध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना के बाद चकिया डीएसपी संतोष कुमार और थानाध्यक्ष मुन्ना कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई। पुलिस ने पूरे परिसर को घेरकर सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसमें एक बंद कमरे से हथियार और कागजात बरामद हुए।
पहले भी जुड़ा रहा है PFI कनेक्शन
बताया जा रहा है कि इसी मदरसे से पहले PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से जुड़े याकूब उर्फ उस्मान उर्फ सुल्तान को गिरफ्तार किया गया था। उस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में संगठन की गतिविधियों पर रोक लगने की बात कही गई थी, लेकिन ताजा बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता फिर बढ़ा दी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, याकूब की गिरफ्तारी के बावजूद नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था। अब नए सिरे से जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या संगठन के सदस्य अब भी गुप्त रूप से सक्रिय हैं और इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
जांच में जुटीं कई एजेंसियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल और डॉग स्क्वॉड को भी जांच के लिए बुलाया है। मदरसे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हथियार की खरीद-बिक्री की सूचना सही पाई गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
