
राजनीति में जहां कई लोग व्यवसाय की सफलता की मिसाल पेश करते हैं, वहीं प्रशांत किशोर अकेले ऐसे व्यक्ति बताए जा रहे हैं जिन्होंने राजनीति का व्यवसायीकरण कर लिया है।


पश्चिम चंपारण से भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर अपने “धंधे” को चमकाने के लिए जिस जिले में जाते हैं, वहां अहंकार में चूर होकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर झूठे आरोप मढ़ते हैं, जिससे उनकी राजनीति चलती रहे।


उन्होंने कहा कि चंपारण में प्रशांत किशोर ने उन पर झूठा आरोप लगाया कि उन्होंने छावनी के रेलवे ओवरब्रिज का एलाइनमेंट एक पेट्रोल पंप के लिए बदलवा दिया। इस पर सांसद ने दो टूक कहा – “मैं किसी राजनीतिक धंधेबाज के झूठे आरोपों से पीछे हटने वाला नहीं हूं और इसी कारण मैंने इसके खिलाफ वकालतन नोटिस जारी किया है।”


सांसद जायसवाल का कहना है कि बेतिया की जनता जानती है कि वर्तमान मार्ग ही राष्ट्रीय राजमार्ग था और पुल भी उसी पर बना है। उन्होंने प्रशांत किशोर को अहंकारी बताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल जनप्रतिनिधियों के चरित्र का मजाक उड़ाना है।
नोटिस में 15 दिन का समय दिया गया है। या तो प्रशांत किशोर अपने बयान का सबूत पेश करें, या फिर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें। अन्यथा मुकदमा दायर कर अदालती कार्रवाई की जाएगी
