बिहार में अस्पतालों की हालत इतनी खराब है कि उसे बयान नहीं किया जा सकता। हाल ही में बेतिया के जीएमसीएच में स्ट्रेचर और पोस्टमार्टम के दौरान सीढ़ियों पर नग्न शव को घसीटने का मामला, यह सब देखने को मिला है। नरकटियागंज अनुमंडलीय अस्पताल भी इससे अछूता नहीं है। हाल ही में प्रसव के दौरान एक महिला की मौत हो गई थी, जिस पर परिजनों ने हंगामा किया था। रोगी कल्याण समिति के सदस्य शाहनवाज रिजवान ने 18 अगस्त की रात्रि 8 बजे से 19 अगस्त की सुबह 8 बजे तक ड्यूटी का औचक निरीक्षण किया।
परिजनों ने शिकायत की कि प्रसव के दौरान ड्यूटी पर मौजूद जीएनएम और एएनएम ने प्रसव कराने के लिए सात से आठ सौ रुपये लिए। निरीक्षण के दौरान श्री रिजवान ने बताया कि हर बेड पर बेड सीट उपलब्ध नहीं है, मरीज स्वयं अपने बेड का उपयोग करते हैं तथा प्रसव वार्ड में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जब इस संबंध में अनुमंडलीय अस्पताल प्रभारी उपाधीक्षक से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मेरे पास कोई लिखित जानकारी नहीं है, जब मिलेगी तो इस पर गौर किया जाएगा। पश्चिमी चम्पारण भारत वन हिंदी से मनोज कुमार मिश्र की रिपोर्ट
