संजय कुमार, पटना। बिहार की राजनीति में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने मोकामा के विधायक अनंत सिंह के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इसके साथ ही उनकी पत्नी नीलम देवी की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी गई है। उन्हें भी छह साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया गया है। MLC चुनाव में पार्टी प्रत्याशी का विरोध पड़ा भारी.

मिली जानकारी के अनुसार, बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान जेडीयू के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह का खुलकर विरोध करना इस कार्रवाई की प्रमुख वजह बना। बताया जा रहा है कि अनंत सिंह ने पार्टी के उम्मीदवार के बजाय जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह का समर्थन किया था। पार्टी ने इसे पार्टी विरोधी गतिविधि और अनुशासनहीनता का मामला माना।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने जारी किया निष्कासन आदेश

रिपोर्टों के मुताबिक, जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के हस्ताक्षर से जारी आदेश में अनंत सिंह पर पार्टी के निर्देशों की अवहेलना करने, नेतृत्व के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने और विधान परिषद चुनाव में पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार करने के आरोप लगाए गए हैं। इसके आधार पर उनकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए छह साल के लिए निष्कासित किया गया है।

अनंत सिंह की विधायकी पर भी उठे सवाल

पार्टी ने अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के लिए बिहार विधानसभा अध्यक्ष से सिफारिश करने की बात भी कही है। हालांकि, पार्टी से निष्कासन और विधानसभा की सदस्यता समाप्त होना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। उनकी विधायकी पर अंतिम फैसला संबंधित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत होगा।

इस कार्रवाई के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि अनंत सिंह और नीलम देवी की ओर से इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया आती है और आगे राजनीतिक घटनाक्रम किस दिशा में बढ़ता है।