संजय कुमार, पटना। बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक अनंत सिंह के निष्कासन के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद अनंत सिंह ने मीडिया से बातचीत में जदयू के नेतृत्व और भविष्य पर सवाल उठाए। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी की कार्रवाई से उन्हें कोई गम नहीं है, क्योंकि जनता ही मालिक है। साथ ही उन्होंने अपनी पार्टी बनाने के संकेत भी दिए।
अनंत सिंह ने कहा कि जदयू कभी नीतीश कुमार की पार्टी थी, लेकिन अब नीतीश कुमार ही पार्टी में नहीं हैं, तो पार्टी में बचा कौन है? उन्होंने निष्कासन की कार्रवाई करने वालों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें पार्टी से निकालने वाले कौन होते हैं। अनंत सिंह ने दावा किया कि नीतीश कुमार के बिना जदयू अधूरी है और आगामी चुनाव में पार्टी के लिए 10 सीटें जीतना भी मुश्किल हो सकता है।
उन्होंने कहा कि अब जदयू का भविष्य समाप्त हो चुका है और वह अपनी पार्टी बनाएंगे। विधायक पद पर संभावित कार्रवाई को लेकर भी अनंत सिंह ने बेफिक्र अंदाज में कहा कि उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है और वह जहां हैं, वहीं रहेंगे। उन्होंने याद दिलाया कि नीतीश कुमार ने उन्हें बुलाकर टिकट दिया था। उनके मुताबिक, जब नीतीश कुमार ही नहीं रहे, तो पार्टी का अस्तित्व भी पहले जैसा नहीं रह गया है।
नीतीश कुमार के आवास पर पहुंचे विजय चौधरी और निशांत कुमार
अनंत सिंह के निष्कासन के बाद जदयू में भी राजनीतिक गतिविधियां तेज दिखाई दीं। नीतीश कुमार के सरकारी आवास, 7 सर्कुलर रोड, पर उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और मंत्री निशांत कुमार पहुंचे। करीब 10 मिनट बाद नीतीश कुमार अपने काफिले के साथ आवास से बाहर निकले। इस दौरान उनके साथ एमएलसी ललन सर्राफ भी मौजूद थे।
श्याम रजक ने अनंत सिंह को दिया जवाब
अनंत सिंह के बयान पर जदयू नेता श्याम रजक ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति पार्टी का सदस्य नहीं है, उसके विधायक बने रहने को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने अनंत सिंह की विधायकी पर कार्रवाई की संभावना को लेकर कहा कि उनका विधायक पद जाना तय है।
नीतीश कुमार की तबीयत को लेकर पूछे गए सवाल पर श्याम रजक ने कहा कि वह डॉक्टर नहीं हैं। उन्होंने पार्टी की ओर से लिए गए फैसले को उचित बताते हुए कहा कि अनंत सिंह के मामले में लगातार नजर रखी जा रही थी और कई बार उनकी समीक्षा की गई। इसके बाद ही उन्हें छह वर्षों के लिए निष्कासित करने का निर्णय लिया गया।
जदयू के आगामी चुनाव में 10 सीटें भी नहीं जीत पाने संबंधी अनंत सिंह के दावे पर श्याम रजक ने तंज कसते हुए पूछा कि यदि उन्हें पार्टी के भविष्य पर इतना संदेह था, तो उन्होंने पहले यह बात क्यों नहीं कही। पार्टी से निकाले जाने के बाद ही वह इस तरह के बयान दे रहे हैं।
उन्होंने अनंत सिंह के दावे की तुलना रावण के उस कथन से की, जिसमें वह स्वर्ग तक सीढ़ी बनाने की बात करता था, लेकिन सीढ़ी बनने से पहले ही धराशायी हो गया। श्याम रजक ने कहा कि जनता ही असली मालिक है और जनता ने वर्ष 2005 से नीतीश कुमार के नेतृत्व में जदयू को लगातार अपना समर्थन और प्यार दिया है। उन्हें उम्मीद है कि आगे भी जनता का साथ पार्टी को मिलता रहेगा।
बिहार की राजनीति में बढ़ी हलचल
अनंत सिंह के निष्कासन के बाद उनके द्वारा नई पार्टी बनाने की घोषणा और जदयू के भविष्य पर उठाए गए सवालों ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। दूसरी ओर, जदयू नेतृत्व ने निष्कासन के फैसले का बचाव करते हुए पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि अनंत सिंह अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने की दिशा में क्या कदम उठाते हैं और आगामी चुनाव में उनके बयान तथा जदयू के बीच जारी सियासी टकराव का क्या असर पड़ता है।
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