13 वर्षीय नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस की जांच तेज, डिजिटल साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे
संवाददाता : इशिता चक्रबोर्ती, श्रीगंगानगर (राजस्थान)।
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में 13 वर्षीय नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। अब तक इस मामले में 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि प्रशासन ने उन तीन होटलों पर बुलडोजर कार्रवाई की है, जहां कथित तौर पर पीड़िता को रखा गया था। पुलिस मामले की हर कड़ी की गहन जांच कर रही है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल अब भी बरकरार है कि 18 जून की रात नाबालिग होटल तक आखिर पहुंची कैसे।

18 जून से शुरू हुआ घटनाक्रम
पुलिस जांच के अनुसार, 18 जून को नाबालिग अपने एक परिचित से मिलने श्रीविजयनगर क्षेत्र गई थी। शाम को घर लौटने के दौरान उसकी मुलाकात कथित तौर पर एक ई-रिक्शा चालक से हुई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इसके बाद नाबालिग होटल तक कैसे पहुंची और क्या उसे बहला-फुसलाकर वहां ले जाया गया था।

तीन होटलों में रखने का आरोप
एफआईआर के अनुसार, 18 से 22 जून के बीच नाबालिग को श्रीगंगानगर के तीन अलग-अलग होटलों में रखा गया, जहां उसके साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार होटल बदलते रहे ताकि किसी को शक न हो। मामले की जांच के तहत होटल रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
22 जून को दर्ज हुआ मामला
22 जून को पीड़िता की मां ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने नाबालिग को बरामद किया। मेडिकल जांच और पीड़िता के बयान के आधार पर अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
19 गिरफ्तार, होटलों पर बुलडोजर कार्रवाई
पुलिस अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार लोगों में ई-रिक्शा चालक, होटल संचालक, होटल मैनेजर और अन्य आरोपी शामिल हैं। जिला प्रशासन ने उन तीन होटलों पर भी कार्रवाई की है, जहां कथित तौर पर पीड़िता को रखा गया था। प्रशासन के अनुसार, जांच के दौरान इन होटलों में निर्माण और संचालन से जुड़ी अनियमितताएं भी सामने आई हैं।
एफआईआर में पांच दिनों के दौरान 30 से अधिक लोगों द्वारा कथित दुष्कर्म किए जाने का आरोप दर्ज है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
जांच के केंद्र में कई सवाल
पूरे मामले में जांच एजेंसियां कई अहम बिंदुओं पर काम कर रही हैं। इनमें यह पता लगाना शामिल है कि नाबालिग होटल तक कैसे पहुंची, ई-रिक्शा चालक की भूमिका क्या थी, क्या यह पहले से रची गई साजिश थी और क्या इस मामले का संबंध किसी संगठित नेटवर्क से है।
पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और गंभीरता से की जा रही है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
19 गिरफ्तारियां, तीन होटलों पर प्रशासनिक कार्रवाई और लगातार जारी जांच इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यही है कि 18 जून की रात नाबालिग होटल तक किन परिस्थितियों में पहुंची और उसके पीछे किसकी भूमिका थी। इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। तब तक मामले की जांच जारी है और सभी की नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है।
