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हापुड़ ज्वेलरी शोरूम में बड़ा हादसा: पानी समझकर शिक्षिका ने पी लिया एसिड, CCTV में कैद हुई पूरी घटना

खाली पानी की बोतल में रखा था टॉयलेट क्लीनर, गंभीर हालत में शिक्षिका का इलाज जारी; पुलिस ने शुरू की जांच

संवाददाता : इशिता चक्रबोर्ती, हापुड़ (उत्तर प्रदेश)।

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक ज्वेलरी शोरूम में हुई कथित लापरवाही ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर कोतवाली क्षेत्र के अर्जुन नगर स्थित एक ज्वेलरी शोरूम में खरीदारी के दौरान 23 वर्षीय एक निजी स्कूल की शिक्षिका ने कथित तौर पर पानी समझकर टॉयलेट साफ करने वाला एसिड पी लिया। इस घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनका उपचार जारी है। पूरा घटनाक्रम शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के अनुसार, घटना 11 जुलाई 2026 की शाम की है। शिक्षिका रिया अपनी मां के साथ आभूषण खरीदने के लिए शोरूम पहुंची थीं। खरीदारी के दौरान उन्हें प्यास लगी, जिस पर उन्होंने कर्मचारियों से पीने का पानी मांगा। आरोप है कि एक कर्मचारी ने उन्हें प्लास्टिक की एक बोतल थमा दी, जिसे उन्होंने सामान्य पानी की बोतल समझकर उसमें से दो घूंट पी लिए।

तरल पदार्थ पीते ही उनके मुंह और गले में तेज जलन होने लगी। कुछ ही देर में उनकी तबीयत बिगड़ गई और शोरूम में अफरा-तफरी मच गई। बाद में पता चला कि बोतल में पानी नहीं, बल्कि टॉयलेट साफ करने वाला एसिड भरा हुआ था, जिसे कथित तौर पर सफाई के लिए रखा गया था और गलती से ग्राहक को दे दिया गया।

घटना के तुरंत बाद शिक्षिका को अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, एसिड के कारण उनके मुंह, गले और भोजन नली में गंभीर आंतरिक क्षति हुई है। फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

पूरी घटना शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। वायरल वीडियो में कथित तौर पर एक कर्मचारी शिक्षिका को बोतल देता दिखाई देता है। बोतल से पीने के कुछ ही क्षण बाद शिक्षिका असहज हो जाती हैं और शोरूम में मौजूद लोग उनकी मदद के लिए दौड़ पड़ते हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई है।

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि टॉयलेट साफ करने वाले एसिड को पानी की बोतल में क्यों रखा गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले रसायन को एक खाली प्लास्टिक की पानी की बोतल में भरकर रखा गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी खतरनाक रसायन को खाने-पीने की बोतलों में रखना सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन है और इससे जानलेवा हादसे हो सकते हैं।

घटना की सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शोरूम के सीसीटीवी फुटेज अपने कब्जे में ले लिए हैं तथा कर्मचारियों और शोरूम प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि खतरनाक रसायनों के भंडारण के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना कार्यस्थलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करती है। फिलहाल घायल शिक्षिका का इलाज जारी है और पुलिस जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

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