दरभंगा। दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में अस्पताल अधीक्षक डॉ. जगदीश चन्द्रा को हटाने और अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार सहित 20 सूत्री मांगों को लेकर बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, विशेष शाखा-डीएमसीएच के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन सामूहिक चरणबद्ध धरना-सत्याग्रह सोमवार को आठवें दिन भी जारी रहा। धरना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल परिसर में आयोजित किया गया।

संघ के अध्यक्ष अनिल कुमार सिन्हा और मंत्री अजय कुमार साह ने आरोप लगाया कि अस्पताल अधीक्षक ने अपने छह माह के कार्यकाल में वित्तीय नियमों की अनदेखी करते हुए कई अनियमित खरीदारी और प्रशासनिक निर्णय लिए हैं। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका आरोप है कि निजी लाभ के उद्देश्य से परिचित आपूर्तिकर्ताओं से दवाओं और अन्य सामग्रियों की खरीद की गई।

संघ ने यह भी आरोप लगाया कि चर्म रोग वार्ड में अब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने के कारण मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा प्रभारी महोपचारिका संगीता कुमारी के खिलाफ की गई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए उसे तत्काल वापस लेने की मांग की गई। कर्मचारियों का कहना है कि इस मामले को लेकर नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
संघ के नेताओं ने बताया कि अस्पताल अधीक्षक डॉ. जगदीश चन्द्रा तथा प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. सुरेन्द्र कुमार के कार्यों की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री को भेजी गई है और दोनों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही बीएससी नर्सिंग कॉलेज की प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई तथा एक लिपिक से जुड़ी घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की भी मांग उठाई गई।
धरना स्थल पर आयोजित सभा की अध्यक्षता रामबालक यादव और राजन मसीह ने संयुक्त रूप से की। सभा में बड़ी संख्या में कर्मचारी और नर्सिंग स्टाफ शामिल हुए। वक्ताओं ने कहा कि जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
