बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मंगलवार को शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि लाइब्रेरियन की बहाली सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और इसके लिए नियमावली तैयार की जा रही है। नियमावली बनते ही बहाली प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर लाइब्रेरियन अभ्यर्थियों द्वारा शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ कोई नारेबाजी नहीं कर रहा था। उन्होंने कहा, “मीडिया ही शायद मेरे विरोध में नारे लगवा रहा होगा। मैं अभी डेढ़ महीने से मंत्री पद संभाल रहा हूं और लाइब्रेरियन बहाली को लेकर गंभीर हूं।”
TRE-4 शिक्षक नियुक्ति को लेकर उन्होंने एक बार फिर स्पष्ट किया कि TRE-4 की बहाली जुलाई महीने में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह पहले भी कई बार अपनी बात रख चुके हैं।
शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर शिक्षा मंत्री ने बताया कि ट्रांसफर पॉलिसी का पोर्टल एक-दो दिनों के भीतर जारी कर दिया जाएगा। इसके साथ ही विस्तृत शेड्यूल भी सार्वजनिक होगा, जिसके बाद शिक्षकों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
जून महीने में शिक्षा विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह विभाग का आंतरिक विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रांसफर-पोस्टिंग केवल जून महीने में ही हो, ऐसा कोई निर्धारित नियम नहीं है। विभाग और सरकार आवश्यकता के अनुसार किसी भी समय स्थानांतरण कर सकते हैं।
राजद के स्थापना दिवस पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि उनकी शुभकामनाएं राजद को हैं, लेकिन जनता आज भी वर्ष 1990 से 2005 तक के शासनकाल को भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि उस दौर की परिस्थितियां लोगों की स्मृति में आज भी ताजा हैं।
सरकारी विद्यालयों में अनियमितता या धोखाधड़ी करने वाले शिक्षकों को लेकर उन्होंने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि कोई शिक्षक गलत कार्य करते पाए गए तो शिक्षा विभाग उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
वहीं, सुधाकर सिंह द्वारा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष आनंद किशोर पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच संबंधित एजेंसियां करेंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले सुधाकर सिंह पर भी करोड़ों रुपये की अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, इसलिए उन्हें पहले उन आरोपों पर भी अपनी सफाई देनी चाहिए।
