पटना। बिहार की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हो गए। बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, पूर्व मंत्री मंगल पांडेय और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की।
मृत्युंजय तिवारी ने हाल ही में आरजेडी से इस्तीफा दिया था। इस्तीफे के दौरान उन्होंने पार्टी में लगातार उपेक्षा, अपमान और अपनी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि लंबे समय तक पार्टी के लिए समर्पित होकर काम करने के बावजूद उन्हें उचित सम्मान नहीं मिला।
तिवारी ने बताया कि वर्ष 2014 में जब आरजेडी कठिन दौर से गुजर रही थी, तब पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ पार्टी की विचारधारा और नीतियों को जनता तक पहुंचाने का कार्य किया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्ष 2022 में जब पार्टी के कई विधायक अलग हो गए थे और संगठन संकट के दौर से गुजर रहा था, तब भी उन्होंने मजबूती से पार्टी का पक्ष रखा। इसके बावजूद पिछले सात-आठ महीनों से उनके साथ लगातार उपेक्षापूर्ण और अपमानजनक व्यवहार किया गया, जिसके कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मृत्युंजय तिवारी का बीजेपी में शामिल होना बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। आगामी विधानसभा चुनावों और राज्य के राजनीतिक समीकरणों पर इसका प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
