पटना। राजधानी दिल्ली के बाद पटना समेत बिहार के कई जिलों में छात्रों के संभावित आंदोलन और प्रदर्शन को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। राज्यभर के सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी गई हैं। केवल विशेष और अपरिहार्य परिस्थितियों में ही अवकाश की अनुमति दी जाएगी।
बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से गुरुवार को जारी आदेश में सभी क्षेत्रीय आईजी, डीआईजी और जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस बल को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने तथा किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
आदेश के अनुसार प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील इलाकों और भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर लगातार फ्लैग मार्च किया जाएगा। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म—फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर), इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य डिजिटल माध्यमों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अफवाह फैलाने या भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी। गलत या भ्रामक सूचना फैलाने वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
इसके अलावा सभी जिलों को छात्र संगठनों की गतिविधियों, प्रस्तावित धरना-प्रदर्शनों और संभावित कार्यक्रमों की जानकारी पहले से जुटाने को कहा गया है। दंगा नियंत्रण वाहन, वाटर कैनन और अन्य आवश्यक संसाधनों को भी हर समय तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
पुलिस मुख्यालय के इस फैसले को राज्य में संभावित छात्र आंदोलनों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
