पूर्णिया, प्रतिनिधि। NEET पेपर लीक कांड और बदहाल शिक्षा व्यवस्था के विरोध में छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं सुधार की मांग की।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से लाखों मेहनती और मेधावी छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ रहा है। उनका आरोप था कि कड़ी मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा देने वाले छात्र पीछे रह जाते हैं, जबकि पैसे और अनुचित तरीकों का सहारा लेने वाले लोग मेडिकल जैसी प्रतिष्ठित पढ़ाई में प्रवेश हासिल कर लेते हैं। इससे शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
छात्रों का जुलूस गिरजा चौक से शुरू होकर आर.एन. शाह चौक तक पहुंचा। इस दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की। आर.एन. शाह चौक पर छात्रों ने NEET पेपर लीक विवाद से जुड़े मामलों के कारण कथित रूप से अपनी जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों की स्मृति में कैंडल जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जाए। छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
